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मजबूरियों की फ़िक्र क्यूँ करते हो,
जब दोस्तों कों ही दुश्मनी की शिकायत है ॥
आज वो मुझसे शिकायत करते हैं, और कहते हैं कि हमारे दिल के तुम करीब नहीं
अब उन्हें हम किस तरह समझाएँ, कि बनना चाहते हम उनके दिल के रकीब नहीं ॥
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